15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक

15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक )

15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक
15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक )

हेलो दोस्तो ….आज मैं एक किताब जिसका नाम है 15 life lessons of chanakya niti (15 अध्याय चाणक्य नीति बुक ) के बारे में चर्चा करने वाली हूं ।चाणक्य नीति मतलब policy जो चाणक्य ने बनाई है । इस किताब के जरिए आप अपनी जिंदगी में खुश और सफल कैसे होना है यह जान सकेंगे ।

चाणक्य quotes ,strategies यह लेख मे बताया गया है ।

चाणक्य नीति से आप जानेंगे कि कौन से कार्य आपको करना चाहिए और कौन से कार्य नहीं करनी चाहिए ।

पहले यह किताब संस्कृत में लिखी गई थी फिर इसे बाद में हिंदी, इंग्लिश और अन्य भाषाओं में translate किया गया |

15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक )  में आप चाणक्य जी के बारे में भी जानेगे और  उनके अनमोल विचारो के बारे में भी ।

आचार्य चाणक्य को विष्णु गुप्ता और कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह बेहद ही प्रसिद्ध strategist, Philospher, economist , teacher रह चुके हैं ।

इनकी ज्ञान की सहायता से चंद्रगुप्त मौर्य ने शासन किया था और काफी प्रगति भी की थी । इन्हें प्रधानमंत्री के रूप में रखा गया था क्योंकि चाणक्य राजनीति विज्ञान ,राजनैतिक कौशल के लिए जाने जाते थे ।

इस लेख के जरिए 15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक )आप कई ऐसे अध्याय जानेंगे जिससे आप personal और professional life मे बदलाव ला सकते हैं ।

इस लेख में आप 15 मुख्य अध्याओ के बारे में जानेंगे जिसे समझने के बाद आपको समझ आऐगा कि आप अपने जीवन में खुशियां कैसे ला सकते हैं और एक सफल व्यक्ति कैसे बन सकते हैं ?

15 life lessons of chanakya niti (कामयाब बनने के तरीके)

15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक

  • Education is best friend ( शिक्षा आपकी सबसे अच्छी मित्र है )

दोस्तों शिक्षा ही एक ऐसी चीज है जो आपसे कोई छीन नहीं सकता है । शिक्षा को आप उम्र के साथ-साथ और भी बढ़ा सकते हैं । सुंदरता और युवन को ज्ञान मत दे सकता है ।

ज्ञान ही एक ऐसी चीज है जिससे आप हर जगह सम्मान पाते हैं ।सुंदरता और युवन आज नहीं तो कल आपको धोखा दे सकता है । यदि आपने ज्ञान इकट्ठा किया होगा तो आपको आखरी समय तक कोई मात नहीं दे सकता ।

आचार्य जी का कहना है कि ज्ञान ही हमारा सबसे अच्छा मित्र है इसी के कारण आप हर जगह सम्मान हासिल कर सकते हैं और अपनी अच्छी छवि बना सकते हैं।

  • Learn from others mistakes (दूसरों की गलतियों से शिक्षा ले )

चाणक्य जी का कहना है कि हम सबके पास इतना समय नहीं होता है कि हम ही गलती करें और फिर बाद में शिक्षा ले।

हमे अपने आसपास के व्यक्तियों को देखना चाहिए और समझना चाहिए कि कौन से कार्यो को हमें अपनी जिंदगी में नहीं करना है । हम लोगों की गलतियों से भी शिक्षा ले सकते हैं ।

15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक )

15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक )

कहने का तात्पर्य है कि जरूरी नहीं है कि हम गलती करेंगे तब ही सीखेंगे । हम दूसरों की गलतियों से भी सीख सकते हैं ।

  • Never share your secrets with anyone (अपना राज किसी से भी शेयर ना करें ) –

चाणक्य जी का कहना है कि हमें अपनी कमजोरियां और ताकतों के बारे में किसी के साथ चर्चा नहीं करनी चाहिए ।इंसान अपनी कमजोरियां या ताकत के बारे में किसी व्यक्ति से शेयर करता है तो हो सकता है कि सामने वाला व्यक्ति आपकी कमजोरियों का फायदा उठा ले ।

इसलिए चाणक्य जी कहते हैं कि कभी भी अपनी ताकत और कमजोरी किसी से भी साझा ना करें ।

  • Before you start some work always ask yourself three questions कोई भी कार्य शुरू करने से पहले अपने आप से 3 सवाल पूछे –

क्या मैं इस कार्य में सफल हो सकता हूं ?

इसके परिणाम क्या हो सकते हैं ?

मैं इस कार्य को क्यों कर रहा हूं ?

चाणक्य जी ने अपने आपसे यह सवाल करना को कहा है ।जब आप यहां तीन सवाल आप अपने आप से करेंगे तब आप जान सकेंगे कि मैं यहां कार्य क्यों कर रहा हूं और मैं इसमें सफल कैसे हो सकता हूं ।

जब आपको इन तीनों प्रश्नों का उत्तर मिल जाए तभी अपना कदम आगे बढ़ाए ऐसा करने से ही आपको समझ आएगा कि मेरे हर कदम का परिणाम क्या हो सकता है ।

बिना सोचे समझे आपको कदम नहीं उठाना चाहिए ।

  • The fragrance of flower (फूल की सुगंध ) –

जैसे फूल की सुगंध जिस तरफ हवा आ रही होती है उसी तरफ ही फैलती है वैसे ही व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है ।इंसान को बिना किसी जाति , धर्म के दूसरे इंसान की मदद करना चाहिए ।

ऐसा करने से वह व्यक्ति कई सालों तक याद किया जाएगा क्योंकि व्यक्ति महान जाति धर्म से नहीं अपने कर्मों से होता है ।

इसलिए चाणक्य जी का कहना है अपनी अच्छाई से हर जगह महको ।

कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप किस समुदाय में पैदा हुए हैं आप कौन सी भाषा बोलते हैं । व्यक्ति सिर्फ अपने कार्यों से ही महान बन सकता है इसलिए चाणक्य जी का कहना है अपने कर्मों से अपनी एक अच्छी छवि बनाए ।

  • Humbleness is the root cause of self control विन्रमता आत्म नियंत्रण का मूल है-

जितना हो सके विन्रम रहना चाहिए ।ऐसा करने से आप अपने शत्रु को कमजोर करते है ।

अपने आप में नियंत्रण रखते है और साथ ही साथ अपना आत्मविश्वास भी बढ़ाता है ।

  • your feelings are your God and your soul is your temple आपकी भावनाएं आपका भगवान है आपकी आत्मा आप का मंदिर –

बहुत से ऐसे लोग हैं जो भगवान के दर्शन के लिए जगह-जगह जाते हैं ।

चाणक्य जी की दृष्टिकोण यहां पर अलग है वह कहते हैं हमारी भावनाएं ही भगवान है और हमारा आत्मा ही मंदिर है इसलिए हमे कही जाने की जरूरत नहीं है ।

  •   A debt is like an enemy (कर्ज एक दुश्मन की तरह है )-

कोशिश करनी चाहिए कि कर्ज कभी ना लें क्योंकि जब भी इंसान कर्ज लेता है दूसरों के सामने अपमानित ही होता है ।

अगर बहुत ही बुरी स्थिति है और आपको कर्ज लेना पड़ गया तो कोशिश करें जल्द से जल्द वह कर्ज को चुकाने की ।

कर्ज को चुकाना ही आपका पहला कर्तव्य होना चाहिए ।

  • Learning (सीखना ) 

चाणक्य जी कहते हैं जैसे इंसान बीमार होता है तो उसके लिए सबसे जरूरी मेडिसिन होती है वैसे ही जीवन यात्रा में मित्र, घर में सदस्य का होना बहुत जरूरी है ।

समय बदलता है इसमें हैरानी वाली बात नहीं है कि लोग आपके खराब समय में आपका साथ छोड़ देंगे ।

चाणक्य जी का कहना है जैसे ही खराब समय आता है लोग बदल जाते हैं पर आप सीखते रहना कभी बंद मत कीजिए क्योंकि Learning आपकी आखरी समय तक भी साथ देखा ।

  • over attachment

अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी ज्यादा लगाव नहीं रखना चाहिए । भगवत गीता में लिखा है और चाणक्य जी भी कहते हैं जो व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों के साथ को ज्यादा जुड़ा रहता है उसे दुखो का सामना करना पड़ता है क्योंकि जब सदस्य उम्मीदें पूरी नहीं कर पाते हैं तो दुख लगता है इसलिए जितना हो सके अपने परिवार को साथ ज्यादा मत जुड़े ।

  • knowledge is not confined in book and possession(वास्तविक ज्ञान किताबों और संपत्ति तक सीमित नहीं है )-

वास्तविक ज्ञान किताबों और संपत्ति तक सीमित नहीं है । ज्ञान हमारे भीतर होना चाहिए जब भी हमें इसकी आवश्यकता पड़े तो हम इसका इस्तेमाल कर सकें।

  •  leadership equals power (नेतृत्व शक्ति के बराबर है )- 

जिसके पास शक्ति है वही आज के समय आगे बढ़ पा रहे हैं ।अपनी शक्ति को बढ़ाने के लिए आपको दो जगह ध्यान देने की आवश्यकता है ।

  • बौद्धिक शक्ति-

आज जिस व्यक्ति के पास ज्ञान श्रेष्ठ है वही आगे बढ़ रहा है इसलिए ज्यादा से ज्यादा ज्ञान हासिल करने की जरूरत है केवल वही लोग आगे बढ़ रहा है ।

 

  • मेन पावर –

इसमें वह सब लोग आते हैं जिन्हें आप जानते हैं या जिनके साथ आपका मिलना है । यह सब लोग आपको शक्तिशाली बनाते हैं ।

  • वित्तीय शक्ति –

कुछ लोग सोचते हैं कि हम दूसरों की मदद करते रहेंगे पैसा इतना महत्वपूर्ण नहीं होता है जबकि यह बात गलत है ।

बिना पैसे के कोई भी व्यक्ति ज्यादा देर तक किसी की मदद नही कर सकता ।अगर आपका व्यवसाय या कंपनी पैसा नहीं कमा पा रही है तो आप ज्यादा देर तक किसी की मदद नहीं कर पाएंगे क्योंकि पैसे में इतनी शक्ति होती है कि वह दूसरों की मदद करने में भी काम आता है ।

बिना पैसे के कोई ज्यादा देर तक किसी की भी मदद नहीं कर सकता है।

  • Enthusiasm and morale( उत्साह और मनोबल )-

जिस व्यक्ति में अनुशासन के साथ ऊर्जा और उत्साह होता है वहां कामयाब जरूर होगा ।

चाणक्य जी का कहना है जो व्यक्ति इन सब चीजों में अपना ध्यान केंद्रित करेगा वह अन्य कार्यो में भी अपना ध्यान केंद्रित कर पाएगा ।

  • Art of punishment (सजा की कला ) –

चाणक्य के अनुसार वही व्यक्ति सफल हो सकता है जिसे मालूम है कि कब stick का इस्तेमाल करना है । ज्यादा भी कठोर नहीं होना चाहिए क्योंकि अगर आप ज्यादा कठोर होंगे तो कोई आपसे महत्वपूर्ण बात भी नहीं कर पाएगा और जाहिर सी बात है ।

लोग उस व्यक्ति को नहीं पसंद करेंगे जो कठोर होता है पर अच्छा लीडर वही कहलाता है जिसे मालूम हो कब stick का इस्तेमाल करना है और कब नहीं ।

ऐसा माना जाता है जो व्यक्ति हमेशा ही मधुर वाणी बोलता है उसकी कोई नहीं सुनता इसलिए अच्छे लीडर की पहचान है कि उसे मालूम होना चाहिए कि कब उसे कठोर शब्दों का इस्तेमाल करना है।

  • staying at the top ( शीर्ष पर रहना )

चाणक्य जी का कहना है कि एक बार आप शक्तिशाली व्यक्ति बन सकते हैं पर उस स्थान पर बने रहना मुश्किल हो सकता है क्योंकि इंसान को भावनाओं को नियंत्रण रखना नहीं आता वहां ज्यादा से ज्यादा पाने की तलाश में भागता रहता है। यही कारण है कि वहां विनाश की ओर चल पढ़ता  है ।

शीर्ष पर रहने के लिए आत्मा नियंत्रण रखना आना ही चाहिए इसे वहां अपनी भावनाओं को नियंत्रण रख पाएगा ।

  • क्रोध इंसान का दुश्मन होता है –

क्रोध में इंसान सही निर्णय नहीं ले पाता है इसलिए इसे काबू करना आपको आना ही चाहिए ।

  • own laws (अपना कानून) –

हम जमीन के साथ चिपके रहते हैं  gravitional force के कारण  ।इसी तरह हर इंसान के अपने कानून होने बहुत जरूरी होते हैं जिससे वहां अपने आप को कंट्रोल कर सके ।

  • ऊर्जा प्रबंधन –

जो व्यक्ति हर प्रकार की स्थिति को संभाल सकता है वह बहुत शक्तिशाली होता है ।व्यक्ति को दो प्रकार की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है ।

  • लोगों की स्थिति –

जिस व्यक्ति को यह मालूम है कि लोगों को कैसे संभालाना है वह शीघ्र ही श्रेष्ठ बन जाएगा ।वैसे तो हर व्यक्ति अलग होता है इसलिए संभालने का तरीका भी अलग अलग ही होगा इसलिए चाणक्य जी ने मनोविज्ञान को अच्छे से समझने में की सलाह दी है ।

  • ज्ञान की स्थिति –

आजकल हर जगह अर्थव्यवस्था में, कंपनियों में ज्ञान ने कारण ही व्यक्ति को सम्मान दिया जा रहा है इसलिए अपने ज्ञान को हमेशा बढ़ाते रहें ।

अगर आपको यह महत्वपूर्ण जानकारी 15 life lessons of chanakya niti book ( 15 अध्याय चाणक्य नीति बुक )पसंद आई हो तो इसे शेयर करके उन सभी व्यक्तियों का भी भला करे जिन्हें अपनी जिंदगी में सफल होना है।

अपना मूल्यवान समय देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया .. आगे भी हम ऐसे ही महत्वपूर्ण जानकारी आपके लिए लाते रहेगें ।😊🙏🏼🙏🏼

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