Believe in yourself book summary in Hindi

Believe in Yourself Book Summary in Hindi

हे दोस्तो ! आप सबका स्वागत है 🙏😊 💕 इस लेख में आप Believe in Yourself Book Summary पढ़ने वाले है ।

किसी ने क्या खूब कहा है !

भरोसा अगर इंसान अपने पर रखता है तो उसकी ताकत बन जाती है और वही भरोसा अगर वह दूसरे इंसान पर रखता है तो उसकी कमजोरी बन जाती है

  दोस्तों कई बार ऐसा होता है कि इंसान अपने सबकॉन्शियस माइंड पर यकीन ही नहीं करता । इंसान का विश्वास उस पर से उठ गया होता है क्या आप अपनी क्षमताओं को बढ़ाना चाहते हैं और कुछ कर दिखाना चाहते हैं ?

Believe in yourself book summary in Hindi

लेकिन आपको समझ ही नहीं आ रहा है कि कौन सा रास्ता आपके लिए बेहतर है तो आज इस लेख Believe in Yourself Book Summary in Hindi को अंत तक पढ़े मुझे यकीन है कि आपको आपके सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा ।

जोसेफ मर्फी की यह किताब आपके जीवन को बदल कर रख देगी क्योंकि इस किताब की समरी जोसेफ मर्फी ने लिखी है ।

किताब का टाइटल जितना अच्छा है उतना ही इसके अंदर बताई गई बातें महत्वपूर्ण है ।इस किताब का नाम है Believe in yourself

जो इंसान अपने inner world से जीत गया वह outer world से भी जीत जाएगा । कई बार इंसान के दिमाग में एक विचार आता है कि मुझे बाहर के लोग ज्यादा तंग करते हैं असल में उसका यह बात ही गलत है क्योंकि सबसे ज्यादा परेशान इंसान खुद ही खुद को करता है अब आप सोच रहे होंगे वह कैसे ?

जब आप खुद पर यकीन नहीं करते हैं तो सबसे बड़ी समस्या तो यहां से ही उत्पन्न होती है ।

Believe in yourself

Belief System को बढ़ाकर आप अपने लक्ष्य को पा सकते हैं और अपना नाम इस जग में रोशन कर सकते हैं ।

       Believe in yourself quotes in Hindi 

अपने आप पर विश्वास करें जब कोई और नहीं करता है” ।

खुद से एक सवाल कीजिए अगर कोई आप पर विश्वास ना करें तो चलो फिर भी समझ आता है कि सामने वाले का नजरिया आपके लिए सही नही है लेकिन अगर हम खुद पर ही विश्वास ना करें तब आप क्या कहेंगे ?

हम कैसे दूसरे से उम्मीद कर सकते हैं कि सामने वाला हम पर विश्वास करें ।

पहले हमें खुद पर विश्वास करना होगा और कार्य start करना होगा तभी लोग हम पर विश्वास करेंगे और इस जग में महत्व देंगे ।

Power of Confidence (आत्मविश्वास की शक्ति )

बहुत लोग अगर आपको कहते हैं कि “तुम नहीं कर सकते ” और तुम्हें यहां बात कबूल कर ली है तो यकीनन आप कोई कार्य नहीं कर सकते लेकिन अगर आप अपने मन में कहते हैं कि मैं कार्य कर सकता हूं और पूरे विश्वास के साथ आप कार्य करना शुरू करते हैं तो यकीन मानिए वह कार्य आप कर भी लेंगे और दुनिया को दिखा देंगे कि तुम गलत हो मैं नहीं ।

इसे कहते हैं Power of Confidence

यहां शक्ति का इस्तेमाल आप तब तक नहीं कर पाएंगे जब तक आप अपने आप पर यकीन ना करें इसलिए दोस्तों अपने अंदर की शक्ति को पहचाने और आगे बढ़े ।

काम बड़ा नहीं लेकिन बहुत फायदेमंद वाला है जब इंसान हमें देखने का नजरिया बदलता है ,चीजों को समझता है और नए ढंग से कार्य करने का निर्णय लेता है तो उसे चीजें समझ भी आती है और वह आगे बढ़ते भी जाता है ।

जब आपके मन में यहां विश्वास आ जाता है कि ” हां ” मैं कर पाऊंगा , हां मैं आगे बढ़ सकता हूं तब एक अलग सा विश्वास आपके अंदर उत्पन्न होता है इसी को ही आत्मविश्वास कहते हैं और यह तब तक उत्पन्न नहीं होता जब तक आपके मन में शंका हो ।

Believe in yourself book summary in Hindi

Believe In Yourself Book Review

चलिए मैं आपको एक कहानी के माध्यम से समझाने का प्रयास करती हूं एक आदमी होता है जिसने दो पक्षी खरीदे होते हैं वह अपने माली से कहता है कि इन दोनों पक्षियों को प्रशिक्षित करें ।

2 पक्षियों में से एक बहुत ही जल्दी बातों को समझता था और उड़ना सिख जाता है लेकिन दूसरा पक्षी हमेशा घबराया हुआ अपनी डाली पर बैठा रहता था ।

ना ही प्रयास करता था और ना ही कुछ बात समझने की कोशिश करता था ।

एक दिन ऐसा आया जब मालिक ने दोनों पक्षियों को उड़ते हुए देखा तब मालिक ने माली से कहा कि तुमने दोनों पक्षियों को कैसे उड़ाया एक पक्षी तो उड़ता ही नहीं था ।

माली मुस्कुराया और कहा मैंने इसे इसकी जगह से हटाने के लिए उस डाली को ही काट दिया ,अब इसे मजबूरन उड़ना पड़ा ।

दोस्तों इस कहानी से आपको यह शिक्षा मिलती है कि कई बार इंसान अपने दुखों में इतना घिरा होता है कि एक अपने दुख से बाहर ही नहीं आ पाता और सोचता है कि मैं किसी काम का नहीं हूँ।

जब आप अपने दुख से बाहर आओगे तभी प्रयास करोगे और जीवन में आगे बढ़ पाओगे इसलिए दुख से बाहर आए और अपने आप को अपने कल से बेहतर बनाएं ।

दोस्तों इंसान के पास हमेशा दो रास्ते होते हैं पहला यह कि वह अपनी नकारात्मक विचार को जीतने दे और खुद दुखों के समंदर में डूबा रहे ।

दूसरा यह है कि वह अपने दिमाग में विचार लाए कि कैसे वह अपनी स्थिति का सामना कर सकता है ? क्योंकि अगर समस्या है तो समाधान भी कहीं ना कहीं जरूर होगा ।

आपने अक्सर देखा होगा कि जो विश्वास आपके मन में होता है वही घटित होता है । इसका मतलब साफ है कि हमारा दिमाग सच्चे और झूठे सपने मैं अंतर नहीं कर पाता वह सपने को सच मान लेता है ।

यदि आप लक्ष्य को पाना चाहते हैं तो अपना लक्ष्य अपने दिमाग में लाएं और कल्पना करें कि वह लक्ष्य आपने प्राप्त कर लिया है ।

लक्ष्य को प्राप्त करने के बाद आप कैसे अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं ?

आपके पास क्या-क्या सुविधाएं है जब आप बार-बार कल्पना करेंगे तो आपका दिमाग उस बात को सच मानेगा और यकीन मानिए जिस बात को दिमाग सच मान लेता है वह वास्तविकता में बदल जाती है ।

सारा खेल दिमाग का है जब आपका दिमाग मान जाता है कि यह बात सच है तो वह बात सच हो जाती है ।नकारात्मक विचार से अपने दिमाग को गलत राह में ना लेकर जाए बल्कि उस रास्ते में अपने दिमाग को लेकर जाएं जिस पर आप चलना जाते हैं ।

पहले मैंने आपको पक्षियों की एक कहानी सुनाई अब आपको एक बात और बताती हूं जिससे आपको लगेगा कि बात में दम है ।

अगर आप किसी जानवर को तालाब में डाल दोगे तो वह तैर कर बाहर आ जाएगा लेकिन अगर आप किसी इंसान को तालाब में डाल दो तो वह डूब जाएगा क्योंकि उसके मन में यह विचार आता है कि मैं तो तैरना जानता ही नहीं तो मैं तलाब कैसे पार कर सकता हूं ?

जैसे ही नकारात्मक विचार इंसान के मन में आते हैं वह अपने आप को हारा हुआ महसूस करता है । जिससे उसकी असफलता की शक्ति बढ़ जाती है और सफलता हाथ से निकल जाती है ।इसलिए दोस्तों पहले अपने अंदर से नकारत्मक विचार को बाहर निकाले तब ही आप जीवन में आगे बढ़ पाएंगे ।

जिस दिन आपने अपनी नकारात्मक विचार को बाहर निकाल दिया , उस दिन से आपकी दृष्टिकोण बदल जाएगी ।

Your Feeling are Your Biggest Weapon

आपकी फीलिंग ही आपका सबसे बड़ा हथियार है । लेखक का कहना है जब भी आप अपने goal के बारे में सोचते हैं और उसकी कल्पना कहते हैं तो सबसे महत्वपूर्ण होता है कि आप अपने गोल के साथ अपने emotions को connect करें ।

feelings और emotions जब दोनों इकट्ठे होते हैं तब इनकी पावर बढ़ जाती है लेकिन अब फैसला आपको करना है कि कैसी फीलिंग और इमोशंस आपको अपने goal के साथ जोड़ने हैं ?

कुछ लोग wrong feeling और wrong emotion को कनेक्ट करते हैं और सोचते हैं कि बेहतर रिजल्ट प्राप्त कर लेंगे ,ऐसा होने से रहा !

अच्छा परिणाम तब ही मिलेगा जब आपकी फीलिंग सही हो और उसके साथ आपने सही इमोशन को कनेक्ट किया हो ।

Goal चाहे कितना भी चैलेंजिंग क्यों ना हो ,आपके इमोशंस और फीलिंग के सामने छोटा नहीं लगना चाहिए ।

जिस इंसान के अंदर burning desire होती है वह इन दो हथियारों का इस्तेमाल बहुत अच्छे से करना जानता है ।

फिलिंग और इमोशन की सहायता से आप अपने सबकॉन्शियस माइंड को संकेत देते हैं कि यहां कार्य ” मैं कर सकता हूं ” और भविष्य में मेरा जीवन ऐसा रहेगा ।

destination पता होने से इंसान उस रास्ते पर चल पड़ता है लेकिन अपने हथियार मजबूत रखें और अपने हथियारों को मजबूत रखने के लिए आप सकारात्मक विचार रोज अपने अंदर डालें ।

अनुशासित या नियंत्रित कल्पना    (Disciplined or Controled Imagination )

लेखक ने एक बिजनेसमैन से मुलाकात की उस बिजनेसमैन ने बताया कि वहां कैसे एक छोटे से स्टोर में काम करा करता था और आज वहां एक बड़ा बिजनेसमैन बन गया है ।

Believe in yourself book summary in Hindi

वह शख्स बताता है कि कैसे वह छोटे से स्टोर में कार्य करता था लेकिन रोज वहां बड़े-बड़े सपने देखा करता था ।

सोचता था कि उसकी एक खुद की कंपनी होगी और पूरे देश में उसके company के branches खुले जाएंगे ।

वह व्यक्ति रोजाना अपने सपने को visualize करता था और यहां कार्य वह सिर्फ 1 दिन नहीं बल्कि रोजाना किया करता था ।

जब भी वहां विजुलाइजेशन करता था तो वह अंदर से postive energy महसूस करता था जिसके जरिए उसे काम करने की और इच्छा होती थी ।

वह अपना कार्य मन लगाकर करता था उसे किसी भी प्रकार की मोटिवेशन की जरूरत नहीं पड़ती थी क्योंकि उसके अंदर खुद ही आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा रहती थी ।

prosperity उसकी कदम चूमने लगी ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि Law of Attraction का इस्तेमाल उस व्यक्ति को करना आता था । controlled imaginationके साथ वहां रोजाना आगे बढ़ता रहा ।

controlled imagination का इस्तेमाल करके आप अपने सपनों को वास्तविकता में बदल सकते हैं ।controlled imagination को discipline imagination भी कहते हैं ।

इस तकनीक का इस्तेमाल करते वह बिजनेसमैन जब तक जिया तब तक अपने सारे सपनों को पूरा किया ।

वह बिजनेसमैन लेखक से कहता है कि बहुत आसान है अपने आप को असफल व्यक्ति के रूप में देखना लेकिन उतना ही आसान है अपने आप को एक सफल व्यक्ति के रूप में देखना फर्क सिर्फ अपनी दृष्टिकोण का है ।

Author खुद एक dreamer है उन्हें मालूम है कि अपनी फीलिंग और इमोशंस से कारण वहां जो प्राप्त करना चाहते हैं वह कर सकते हैं ।

फीलिंग और इमोशन की सहायता से आप अपनी इमैजिनेशन को कंट्रोल कर सकते हैं । जब आप इतना कार्य कर लेंगे तो डर भी आपके सामने आने से डर जाएगा ।

Feeling में ऐसी पावर है जो आपको अपने लक्ष्य की ओर ले जा सकती है ।

भविष्य में अपना सपना साकार करते हुए देखना चाहते हैं तो अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा ईमानदार रहें और जो बात लेखक ने आपको बताई है कि फिलिंग और इमोशंस का इस्तेमाल करते हुए आपको controlled imagination की पावर को यूज करना है और फिर क्या ! आप मनचाहा रिजल्ट आप पा सकते हैं ।

     एक सही मानसिक दृष्टिकोण विकसित करें

लेखक ने कई साल पहले आर्टिकल की कॉपी चर्च के काउंटर पर डिस्प्ले की थी लेकिन जो सेल्सगर्ल थी ।इस आर्टिकल की कट्टर विरोधी थी इसी कारण से बिक्री कम हो रही थी ।

जब लेखक ने उस salesgirl को आर्टिकल का Meaning और moral समझाया तो वह सेल गर्ल आर्टिकल्स का महत्व समझी और उसने जल्दी ही सारे Pamphlet बेच दिए ।

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जब हमारे अंदर की mental attitude किसी चीज या व्यक्ति के प्रति गलत होगी तो हम चाह कर भी कोई कार्य अच्छे से नहीं कर पाएंगे ।लेखक ने आर्टिकल्स की इंपोर्टेंस समझाई तो उससे उसको समझ आया कि इस आर्टिकल का महत्व क्या है ?

देखिए दोस्तों कोई भी नकारात्मक चीज तब तक आपको हानि नहीं पहुंचा सकती जब तक आपका मस्तिष्क सहमति ना दें ।

outside negativity में इतनी शक्ति नहीं होती है जो खुद ही कुछ कर दे लेकिन जब आपके मस्तिष्क outside negativity को परमिशन देता है तो वहां अपना कार्य करना शुरू कर देती है ।

लेखक का कहना है कुछ लोग अपने जीवन में हमेशा नकारात्मक बातों को ही पकड़े रखते हैं , इसी कारण से वह कभी आगे नहीं बढ़ पाते ।

एक बार लेखक के अनुसार अपने नकारत्मक विचारों को अपने दिमाग से बाहर निकाल कर अपने लक्ष्य के प्रति कदम उठाना सीखे और देखिए कि आपकी जीवन में बदलाव आता है कि नहीं ?

सही mental attitude की इंपॉर्टेंस हर वह व्यक्ति समझता है जो जीवन में सफल है ।

इस कहानी में जो सेल्स गर्ल थी वह लेखक और आर्टिकल के प्रति उसका रवैया नकारात्मक था इसलिए उसने लेखक के लिए अपना गलत रवैया तय कर लिया था । wrong attitude से वह अपना भी नुकसान कर रही थी और लेखक का भी इसलिए सही रवैया रखना बेहद जरूरी होता है ।

Believe In Yourself  (Book Summary ln Hindi )

लेखक का एक रिश्तेदार था जिसे एक भयंकर बीमारी थी और वह बीमारी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही थी ।

उसके बेटे ने अपने पिता का इलाज कराना सही समझा लेकिन बहुत सारी दवाइयां उस पर असर नहीं हो रही थी तो एक दिन उसने कहा कि बहुत बड़े पंडित ने मुझे क्रॉस दिया है यहां मुझे $500 में मिला है ।

लेकिन वह लड़का अपने पापा से झूठ बोल रहा था क्योंकि वहां क्रॉस उसे रोड से मिला था और उस क्रॉस को वह लड़का सुनार के पास लेकर जाता है और उसे ऐसा ही बना देता है कि लगे कि वह real में मंहगा क्रॉस है ।

सुनहार उस क्रॉस को एक अंगूठी में बदल देता है ।उस लड़के ने अपने पापा को इतना यकीन दिला दिया कि यहां अंगूठी जो भी पकड़ता है उसकी जानलेवा बीमारी भी ठीक हो जाती है ।

यह बात सुनते ही उसके पापा ने वहां अंगूठी अपने बेटे के हाथ से ली और अपने सीने से लगाकर अपने गुरु से विनती करने लगा ।

अगले दिन तो दोस्तों चमत्कार ही हो गया जब उसके पापा सुबह उठते हैं और उसके पापा का टेस्ट किया जाता है तो सारे रिजल्ट सही आते हैं और डॉक्टर भी हैरान रह जाता है कि यह व्यक्ति कैसे ठीक हो गया ? इसे placebo effect technique कहते है।

हम यहां नहीं कह रहे हैं कि उस क्रॉस ने उसके पापा को ठीक कर दिया बल्कि बात यह है कि उसके पापा के अंदर यह विश्वास आ गया था कि वहां ठीक हो रहा है ,वहां ठीक हो जाएगा ।

यहां दोस्तों समझने वाली बात यह है कि उसके अंदर के विश्वास और फीलिंग की सहायता से जो अंदर शक्ति उत्पन्न हुई ,उस शक्ति ने उसकी बीमारियों का गला घोट दिया ।

उसके पापा को उन लोगों ने कभी भी नहीं बताया कि उसके साथ क्या खेल खेला गया है ।आप यकीन नहीं मानेंगे कि उसका पापा 15 साल और जिएं और उस जीवन में अपने आपको हमेशा स्वस्थ और तंदुरुस्त ही पाया ।

Believe में इतनी शक्ति होती है कि आप इस शक्ति का इस्तेमाल करके बड़ी से बड़ी कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं ।

FAQ (Believe In Yourself Book Summary in Hindi )

Q.आत्मविश्वास क्या है?

Ans.यह एक भवना है ,इसका प्रभाव हमारी सोच, व्यवहार और दृष्टिकोण पर पड़ता है ।जिस इंसान का आत्मविश्वास कम होता है वह अपनी क्षमताओं को पहचान नहीं पाता और जो इंसान अब आत्मविश्वास से भरा होता है वह अपने लक्ष्य को पा लेता है

Q .आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं?

  • Ans नकारात्मक सोच का त्याग करें
  • आपकी क्षमताओं पर विश्वास करें
  • समर्थन का उपयोग करें
  • अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करें

Q .खुद पर विश्वास करने का क्या मतलब है?

Ans. खुद पर विश्वास करने का मतलब है, ” खुद पर यकीन करना “।जो इंसान खुद पर यकीन करता है वहां हर समस्या का समाधान निकाल देता है ।

उम्मीद है आपको यह लेख Believe in Yourself Book Summary in Hindi पसंद आया होगा ।आशा है कि आप  अपनी जिंदगी में आगे बढ़ेंगे और खुश रहेंगे अगर आपको याद है पसंद आया हो तो अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले जो जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं और कुछ कर दिखाना चाहते हैं ।अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद💕🙏😊

Believe In Yourself Book PDF and Audio 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Follow by Email
YouTube
Pinterest
LinkedIn
Share
Instagram