Best Motivational story for students in Hindi

जबरदस्त मोटिवेशनल कहानी :Best Motivational story for students in Hindi

क्या आप जीवन में सही निर्णय नही ले पा रहे है ? आज की जबरदस्त मोटिवेशनल कहानी पढ़ने के बाद आप चुनौतियों से घबराकर नही मिलेगें ।

विश्वास खुद  में करो तो हिम्मत बढ़ जाती है  और यही विश्वास दूसरो पर रखोगें तो जीवन कष्टो से भर जाता है। इस लेख Best Motivational story for students in Hindi  में आपको जीन्दगी जीने की नई राह दिखेंगीं ।

Best Motivational story for students in Hindi

Best Motivational Story In Hindi – जबरदस्त मोटिवेशनल कहानी

जोश है तो भविष्य है

इस कहानी में आप ऐसी शिक्षा ग्रहण करने वाले हैं जिसे आपका सोचने का और समझने का तरीका ही बदल जाएगा ।

हर इंसान अपने सपने को पूरा करने का प्रयास कर रहा है लेकिन क्या हो अगर हम अपने सपने के साथ अन्य लोगों के सपने को भी पूरा करने का कुछ जुनून अपने अंदर पैदा कर ले ।

एक व्यक्ति जिसे लेखक बनने का जुनून था वह दिन-रात प्रयास करता लेकिन हर कोई उसके सपने का मजाक बनता है और कहता है कि तुम गांव में रहने वाले हो और सपना इतना बड़ा देखते हो !

लोगों का क्या है दोस्तों ” कुछ तो कहेंगे ” उसने अपनी इरादे डगमगा नहीं और नजदीकी लाइब्रेरी में जाने लगा ।

जब भी लाइब्रेरी से किताबें पढ़कर निकलता है तो उसे रास्ते में कुछ बच्चे मिलते जो मुस्कुराते हुए उसे हर रोज दिखते थे ।

 

एक दिन उस लड़के ने उन बच्चों से सवाल किया कि तुम रोज मुस्कुराते हो , अपने बारे मे बताओ ?

तुम अपने जीवन में क्या बनना चाहते हो ?

वह बच्चे बोले हम गांव के बच्चे हैं ,हम क्या सपना देखेंगे !

हमारे मां-बाप तो मुश्किल से हमें पढ़ा सकते हैं और गरीबी इतनी है कि हम किताबें भी नहीं खरीद सकते ।

वह उनकी बातें सुनकर उदास होता है लेकिन हिम्मत न हारते हुए , कहता है कि तुम बताओ कि तुम किस विषय में पढ़ना चाहते हो ?

वे सब अपने-अपने सपनों के बारे में बताते हैं ।

फिर क्या दोस्तों ! जिसका सपना था लेखक बनना वहां अन्य लोगों के सपनों के लिए भी ज्यादा पढ़ने लगा ।

वह लाइब्रेरी अपने पढ़ने के लिए जाता था लेकिन उनकी बातें सुनने के बाद वह बच्चों के लिए भी पढ़ने लगा और नोट्स तैयार करने लगा ।

जब वह लड़के ने अपने दोस्तों से बच्चों की बात को सांझा कि तो उसके दोस्त बोलने लगे कि पहले तुम अपना सपना पूरा करो , दूसरों के सपने के लिए बाद में मेहनत करना ।

उस लड़के की विचार सुनकर हर कोई हैरान रह गया उसने कहा कि मेरा मकसद तो लेखक बना था और इस गांव में खुशहाली लाना क्योंकि मैं बचपन से सुनता आ रहा हूँ कि गांव वाले कुछ नहीं कर सकते ।

यदि कुछ समय में अन्य बच्चों के लिए भी ज्यादा पढ़ लूं तो मेरा ज्ञान ही विकसित होगा और मैं अन्य बच्चों की सहायता भी कर पाऊंगा ।

जिसके कारण इस गांव का भविष्य उज्जवल बनेगा और जब यह सब बच्चे अपने-अपने स्थान में कुछ बन जाएंगे , मुझे इन सब की ऊपर कुछ लिखने को मिलेगा और असल में तब मैं एक बेहतरीन लेखक बन पाऊंगा ।

लेखक का काम होता है कि लोगों को प्रेरित करना , लोगों के सामने सच लाना और लोगों के बीच में जागरूकता बढ़ाना जो कि मैं आज से ही कर रहा हूं ।

Moral ot the story

इस कहानी से यहां शिक्षा मिलती है कि इंसान को भगवान ने इतनी समझ दी है कि वह अन्य लोगों की मदद कर सके ।वहीं दूसरे ओंर अपने लिए तो जानवर भी जीता है लेकिन इंसान रूप का क्या फायदा जब एक इंसान दूसरे इंसान के काम ना सके ।

दोस्तों ! कामयाबी आसानी से किसी को हासिल नही होती , हर दिन कुछ नया सीखना और समझता पड़ता हैं । आप सच में अपने आपको काबिल इंसान बनाना चाहते है तो इन किताबो को जरूर पढ़ें ।

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वीडियो गेम की लत (Motivational Stories for Study hard )

हम सब जानते हैं कि बच्चों को गेम खेलने में कितनी रुचि होती है आज जो आप कहानी सुनाने वाले हैं उसमें एक बच्चे को वीडियो गेम खेलने की में अत्यंत रुचि थी ।

उसके माता-पिता उसे बेहद नाराज रहते थे क्योंकि दिन हो या रात हो वह बच्चा सिर्फ वीडियो गेम खेलना चाहता था l

एक दिन उसकी मां ने गुस्से में आकर उसका वीडियो गेम छुपा दिया ।वह लड़का निराश हो गया और घर के बड़े लोगों से शिकायत करने लगा कि मुझे वीडियो गेम खेलना है लेकिन मेरी मम्मी ने वीडियो गेम छुपा दिया है । मैं वीडियो गेम खेलना चाहता हूं अगर मुझे वीडियो गेम नहीं मिला तो मैं कुछ भी खाना नहीं खाऊंगा ।

Best Motivational story for students in Hindi

घर के सभी बुजुर्गों ने उस बच्चों को समझने का प्रयास किया लेकिन वह बच्चा बेहद जिद्दी था उसने एक दिन बिता दिया लेकिन कुछ नहीं खाना खाया ।

उसकी तबीयत बिगड़ने लगी फिर उसके पापा ने उससे वादा किया कि उसे वीडियो गेम सिर्फ एक शर्त में मिलेगा यदि वह सिर्फ आधा घंटा वीडियो गेम खेलें और बाकी का समय अन्य कार्य और पढ़ाई में दे तो उसे वीडियो गेम मिल सकता है ।

वह लड़का र्शत मान गया फिर क्या दोस्तों !वह दिन-ब-दिन वीडियो गेम से दूर रहने लगा क्योंकि उसका ध्यान बाकी कार्यों में लग गया जैसे कि घर के बाहर जाकर अपने दोस्तों के साथ खेलना ,पढ़ाई में नए-नए अध्याय पढ़ना और अपने शिक्षकों के सामने आज्ञाकारी बच्चा बना ।

उस इस बात से समझ आ गया था की वीडियो गेम खेलने से ना ही उसका ज्ञान बढ़ रहा है बल्कि वह कमजोर होते जा रहा है ।

Moral of the story

इस कहानी का सारांश है कि यदि हम अपने बच्चों के सामने कोई ऐसी शर्त रख दे जिससे उन्हें सही और गलत में अंतर समझ आ जाए तो आपका किया गया प्रयास व्यर्थ नहीं जाएगा ।

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सपने तो हर कोई देखता है लेकिन उसको पाने के लिए दृढ संकल्प और हिम्मत की आवश्यकता होती है ।

एक समय की बात है ,एक लड़का अपने माता-पिता के सपने को पूरा करने के लिए दिन रात एक कर देता था लेकिन वह हिंदी मीडियम से दसवीं कक्षा की पढ़ाई किया था और जब 11वीं कक्षा के लिए उसे दूसरे स्कूल में दाखिला लेना पड़ा तो उसे कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा ।

दिक्कत यह थी कि वहां स्कूल इंग्लिश मीडियम का था और जिसके चलते उसे बहुत दिक्कत आ रही थी ।

दसवीं कक्षा तक उसके मार्क्स 100 में से 98 आया करते थे ,यहां 100 में से 20 आने लगे ।

उसे यह तक टीचर भी कहने लगे कि बेटा सपनों को तो भूल जाओ तुम मात्रा पास भी हो जाओगे तो बड़ी बात समझना ।

वह दिन-ब-दिन उदास रहने लगा और सोचने लगा कि किस मुंह से मैं अपने पिता से कहूंगा कि मैं आपका सपना पूरा नहीं कर सकता ।

इंसान के सामने दो विकल्प होते है या तो हार मन कर बैठ जाओ या फिर डटकर का सामना करो ।

वह लड़का अपने माता-पिता को निराश किसी भी कीमत में नहीं करना चाहता था इसलिए उसने संघर्ष किया ।

ना ही कोई दिन त्यौहार मनाया ना ही अपने दोस्तों के साथ पार्टी की ,उसने दिन रात सिर्फ मेहनत की

कड़ी मेहनत रंग लाई ,उसका संघर्ष व्यर्थ नहीं गया ।जिस हॉस्टल में वहां रहा करता था ,उस हॉस्टल के रूम पार्टनर उसे allow नहीं करते थे कि वह रात में लाइट ON करें ।

इसलिए समय की नजाकत को समझते हुए वह वॉशरूम में भी पढ़ने के लिए झिझकता नहीं था ।

उसके माता-पिता का सपना था कि उसका बेटा डॉक्टर बने इसलिए 11 वीं और 12 वीं की इम्तिहान पास करने के बाद कोटा जाने की इच्छा को व्यक्त करता है ।

पिताजी कंपाउंड होते हैं और माताजी खेतों में काम करती हैं ,दोनों मेहनत की कमाई उसके हाथ में देते हैं और कहते हैं कि बेटा अपने सपने पूरे करने की पूरी कोशिश करना ।

मेडिकल इंट्रेंस एग्जाम तैयारी के लिए वह दिन रात एक कर देता है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण उसका सिलेक्शन नहीं होता है ।

दुख के आंसू साफ-साफ माता-पिता और उस लड़के की आंखों में दिख रहे थे क्योंकि दिन रात मेहनत करने के बावजूद भी उसका सिलेक्शन नहीं होता है ।

वह लड़का अपने पापा को हौसला देते हुए कहता है कि एक बार मुझे फिर से कोटा भेजिए मैं दोगुना मेहनत करूंगा और इस बार मेरा सिलेक्शन जरूर होगा ।

इस बार वह दोगुना मेहनत करता है और उसका सलेक्शन हो भी जाता है लेकिन उस यकीन था कि इस बार काउंसलिंग में उसका सलेक्शन हो जाएगा और वह one of the best medical college में उसका दाखिला हो जाएगा लेकिन रिजल्ट के 1 दिन पहले ही न्यूज़ आता है कि जो एग्जाम एंट्रेंस के बच्चों ने दिए थे उसे कैंसिल कर दिया गया है ।

वह अपने पिताजी से कहता है कि मैं निराश हो गया हूं जिस सपने को पूरा करने के लिए मैं दिन रात एक कर दिया , वहां सपना मैं पूरा नहीं कर पा रहा हूं और पापा सच बताऊं तो मुझे अपने आप को डॉक्टर के रूप में ही देखना पसंद है ,मैं इसके अलावा और कोई क्षेत्र में नहीं जाना चाहता ।

बच्चे का हौसला बढ़ाते हुए उसके पिताजी की और माता जी कहते हैं बेटा चाहे हमें अपना घर ही क्यों ना बेचना पड़े , हम वह भी तुम्हारे लिए कर देंगे ,तुम हिम्मत मत हारो एक बार और प्रयास करो ।

वह लड़का ना दिन देखता है ना रात सिर्फ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिन रात मेहनत करता है ।उसकी आंखों के सामने उसकी मां पिता का चेहरा आता है और वह सोचता है कि वह दिन भी जरूर आएगा कि मेरे माता-पिता गर्व से कहेंगे कि I Proud My Son

वैसे इम्तिहान होते हैं और इस बार लड़का सेलेक्ट हो जाता है माता-पिता की चेहरे पर खुशी के आंसू थे और कहने लगे कि बेटा ! तूने हमारा नाम इस जग में रोशन कर दिया ।

Moral of the Story

दोस्तों आजकल की नौजवान पल-पल अपना रास्ता बदलते हैं लेकिन इस कहानी से आपको शिक्षा लेनी चाहिए । रास्ता बदलना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन बार-बार मंजिल बदलना बेवकूफी होती है इसलिए रास्ते चाहे हजार बदले लेकिन मंजिल एक रखें ।

Real Motivational life story in hindi

सफलता कैसे प्राप्त होती है ?

एक महान Philosopher से एक आम इंसान पूछता है की सफलता कैसे प्राप्त होती है ?वह कहता है कि अगर आपको अपने प्रश्न का जवाब चाहिए तो कल मैं मेडिटेशन के लिए नदी के किनारे बैठूंगा वह तुम्हें अपने प्रश्न का जवाब मिल जाएगा ।

वह इंसान उत्सुकता से अपने प्रश्न का जवाब पाना चाहता था इसलिए वह नदी के किनारे जाता है और फिर से वह प्रश्न करता है ।

वह फिलॉस्फर कहता है कि पहले नदी की गहराई नाप कर आओ ।

वह साधारण व्यक्ति नदी की गहराई नापने के लिए नदी में जाता है ।

जैसे ही वहां गहराई नापने के लिए पहुंचता है , पीछे से वह संत उसका सर पानी में डाल देते हैं ।

वह फिलॉस्फर उसे कुछ समय के लिए पानी में रहने देता है फिर उसका सर बाहर निकलता है और उसे पूछता है कि तुम जब पानी में थे तब तुम क्या चाहते थे ?

वह बोला कि मैं सांस लेना चाहता था उसकी बात सुनकर वह संत कहता है कि जिस तीव्र इच्छा से तुम सांस लेना चाहते थे उसी तीव्र इच्छा से यदि सफलता पाने का प्रयास करते रहो तो वह दिन दूर नहीं तुम अपने लक्ष्य को पा लोगे ।

अभ्यास की शक्ति (Motivational story for students to work hard )

पहले के समय में विद्यार्थियों को गुरुकुल में पढ़ाया जाता था और वहीं से वे शिक्षा ग्रहण करते थे लेकिन गुरुकुल में एक ऐसा बच्चा था जिसे अपने गुरु जी की बातें समझ नहीं आती थी ।दूसरे बच्चे उसे विद्यार्थी को बेहद तंग करते थे और कहते थे कि तो जीवन में पढ़ाई तो नहीं कर सकता ।

वह विद्यार्थी भी तंग आ गया और सोचता था कि सच में पढ़ाई मेरे बस की बात नहीं है ।

हताश होकर वहां गुरुकुल से जाने का निर्णय कर लेता है ।

गुरुकुल के शिक्षकों ने उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन वह बच्चा समझने के लिए तैयारी नहीं था । उसने पूरा मन बना लिया था कि वह गुरुकुल में नहीं रहेगा बल्कि अपने घर जाकर अपना समय कोई अन्य कार्य में लगाएगा ।

जब वह गुरुकुल से निकला तो रास्ते में उसे प्यास लगी ,वहां पानी पीने के लिए एक कुएं के पास जाता है और देखता है कि मजबूत पत्थर में कुछ निशान बने हुए थे ।वह लड़का आजू-बाजू लोगों से पूछता है कि यहां निशान इस पत्थर में कैसे पड़े।

वहां के लोग कहते हैं कि जब हम रस्सी को बार-बार कुएं में फेंकते हैं तो यह रस्सी का निशान उस पत्थर में पड़ता है ।

लड़का अपने मन में सोचता है कि इस मजबूत पत्थर में एक कोमल सी रस्सी निशान बन सकती है तो क्या मेरे बार-बार प्रयास करने से मेरी मद्दबुद्धि में असर नहीं पड़ सकता ?

वह लड़का गुरुकुल वापस जाता है और अपने शिक्षकों से माफी मांगता है उसके गलत निर्णय के लिए और अपने गलत व्यवहार के लिए

शिक्षक उसके निर्णय से प्रसन्न होते हैं और उसके मेहनत में अपना योगदान देते हैं ।जिस लड़की को हर कोई मद्भूति समझता था उस लड़की ने कमाल कर दिया ।

वहां अभ्यास की शक्ति को समझ चुका था इसलिए दिन-ब-दिन वहां तरक्की की ओर जाने लगा ।

दोस्तों अभ्यास की शक्ति में इतनी ताकत है कि वह लड़का जो एक समय मद्दबुद्धि कहलाता था वह संस्कृत व्याकरण कहलने लगा ,महान व्यक्तियों में से उसका नाम श्रेष्ठ आने लगा ।

शिक्षा (Moral  of the story):

सिर्फ इंसान हजार बार सुनता और पढ़ता है कि अभ्यास में इतनी शक्ति है कि इंसान का जीवन बदल सकती है । दोस्तों इस बात पर आपको तभी यकीन होगा जब आप स्वयं अभ्यास की शक्ति को पहचानेंगे और जीवन में आगे बढ़ते जाएंगे ।

उम्मीद है आपको इस लेख Best Motivational story for students in Hindi से कुछ सीखा होगा ।

आपका मन अपने किसी का भला करने का करे तो उसे इस लेख को जरूर share करें।

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